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π (पाई) का मान: भारतीय गणितज्ञों की गहन वैज्ञानिक परंपरा
1. π (पाई) क्या है – भारतीय परिप्रेक्ष्य π (पाई) वृत्त का मौलिक स्थिरांक है: π=वृत्त की परिधिव्यास\pi = \frac{\text{वृत्त की परिधि}}{\text{व्यास}}π=व्यासवृत्त की परिधि भारतीय गणित में इसे केवल एक संख्या नहीं, बल्कि वृत्त‑तत्त्व (Circle Principle) माना गया।शुल्बसूत्रों से लेकर केरल स्कूल तक, π की खोज: जैसे क्षेत्रों से जुड़ी थी। 2. शुल्बसूत्र काल (लगभग 800–300 ईसा पूर्व) प्रमुख […]

पृथ्वी की परिधि एवं व्यास : एक तुलनात्मक एवं गणितीय अध्ययन
भारतीय खगोल‑गणित की परंपरा में पृथ्वी के आयाम (परिधि और व्यास) का निर्धारण किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि खगोलीय प्रेक्षण, गोलक‑ज्यामिति और गणितीय सिद्धान्तों पर आधारित था।सूर्य सिद्धान्त, आर्यभटीय और ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त — तीनों ग्रंथ पृथ्वी को गोल मानते हैं और उसकी माप प्रदान करते हैं, किन्तु उनकी प्रस्तुति‑पद्धति अलग‑अलग है। यह लेख इन तीनों परंपराओं […]






















